Thursday, July 23, 2015

Narendra Modi becomes the first PM of India to remove his education credentials from PMO website. (21-Jul-2015) No.2

July 21, 2015

https://www.facebook.com/mehtarahulc/posts/10152923304496922

Narendra Modi becomes the first PM of India to remove his education credentials from PMO website.
See previous page showing MA degree: March 2015 : http://web.archive.org/…/ht…//pmindia.gov.in/en/pms-profile/
And if this is not enough, see https://www.youtube.com/watch?v=oppNZo704Ns ( < 1 min video )
And also https://www.youtube.com/watch?v=lTTqEfuD3B8 ( < 1 min video)
Ab bolo.... Smriti Irani ki line pakad li na?

NaMo ordered PMO to remove education qualification of NaMo from PMO's official website !! This isnt good. It will unnecessarily create a new controversy (21-Jul-2015) No.1

July 21, 2015

https://www.facebook.com/mehtarahulc/posts/10152923353991922

NaMo ordered PMO to remove education qualification of NaMo from PMO's official website !! This isnt good. It will unnecessarily create a new controversy.
.
web.archive.org stored public pages. This page is old copy of NaMo's profile --- around mar-2015. see http://web.archive.org/…/ht…//pmindia.gov.in/en/pms-profile/
.
PMO's website says "He completed his MA from Gujarat University."
.
Here is the same link http://pmindia.gov.in/en/pms-profile/ .
I saw it just today.
.
There is no mention of MA degree !!!
.
Now the fact that NaMo ordered PMO to remove his MA degree from website does NOT mean that he does NOT have MA degree. But why create such unncecessary controversy, given that we already have Jitendra Tomar and Smriti Irani issues.
.
====
.
I would request NaMo-supporters to request NaMo over twitter to put information of MA degree bacn on PMO's website.
.
====
.
( This fact on removal of MA degree from website was brought to my notice by my friend Roshan Shah )

In the US state of Alaska, the state constitution provides that once every ten years citizens are automatically asked whether they wish to call a convention to revise the state’s constitution (22-Jul-2015) No.2

July 22, 2015

https://www.facebook.com/mehtarahulc/posts/10152925531811922

In the US state of Alaska, the state constitution provides that once every ten years citizens are automatically asked whether they wish to call a convention to revise the state’s constitution.
Read Section 13.3 - Call by Referendum of Alaska's state constitution.
http://celdf.org/downloads/ALASKA%20CONSTITUTION.pdf

जूरी सिस्टम के लिए समाचार पत्र में विज्ञापन का प्रस्तावित ड्राफ्ट (22-Jul-2015) No.1

July 22, 2015

https://www.facebook.com/mehtarahulc/posts/10152925536346922

जूरी सिस्टम के लिए समाचार पत्र में विज्ञापन का प्रस्तावित ड्राफ्ट :
_____________
.
राईट टू रिकाल पार्टी (शीर्षक)
.
ग्रीस में जूरी सिस्टम होने के कारण ही सिकन्दर विश्वविजेता बन पाया था।(उपशीर्षक)
.
न्याय में देर ही अंधेर है - किसी भी व्यवस्था के सभी क़ानून रद्दी हो जाते है यदि उन्हें तोड़ने पर दोषी को त्वरित गति से दंड नही दिया जाता। भारत की अदालतों में 3 करोड़ मुकदमें लंबित है तथा यह बोझ लगातार बढ़ रहा है।भारत की न्याय व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हमने जूरी सिस्टम का कानूनी ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है, जिसके गेजेट में प्रकाशित होने पर 90% मुकदमो का फैसला 10-15 दिनों के भीतर आने लगेगा और न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में कमी आएगी।
.
जूरी सिस्टम क्या है ?
.
इस प्रणाली में दंड देने की शक्ति नागरिको के अधीन होती है, तथा नागरिक मंडल बहुमत से फैसले देते है। किसी भी मुकदमे की सुनवाई के लिए नागरिको की जूरी बुलाई जाती है जिनका चयन जिले की मतदाता सूची में से लॉटरी (रेंडमली) द्वारा किया जाता है। प्रत्येक मुकदमे के लिए अलग जूरी होती है तथा यही नागरिक सुनवाई करके बहुमत से फैसला देते है। हमने 12 नागरिको की जूरी का प्रस्ताव किया है। हाईकोर्ट जूरी में नागरिको की संख्या 250 तक होगी, जिनका चयन राज्य की मतदाता सूचियों में से किया जाएगा। इस विधि में नागरिक सर्वोच्च होते है तथा संविधान और क़ानून की व्याख्या का अधिकार प्रजा के पास होता है।
.
देश के तकनिकी, औद्योगिक, आर्थिक एवं सैन्य विकास का जूरी सिस्टम तथा राईट टू रिकाल कानूनों से गहरा सम्बन्ध है। ग्रीस में 2500 वर्ष पहले से जूरी सिस्टम मौजूद था जो कि बाद में उत्तरोत्तर कमजोर होता गया। 12 वीं शती में ब्रिटेन ने जूरी सिस्टम अपनाया और 16 शताब्दी आते आते ब्रिटेन दुनिया का सबसे विकसित देश बना। यूरोप का पुनर्जागरण और औद्योगिक क्रान्ति जूरी सिस्टम की ही देन थी। अमेरिका में जूरी सिस्टम1750 ईस्वी में आया, और आज अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश इसीलिए है क्योंकि अमेरिका में सबसे मजबूत जूरी सिस्टम तथा राईट टू रिकाल कानूनी प्रक्रियाएं है।
.
राईट टू रिकाल क्या है ?
.
भ्रष्ट को नौकरी से निकालने का अधिकार नागरिको के पास होना राईट टू रिकाल है। अमेरिका में जज तथा जिला पुलिस प्रमुख को नौकरी से निकालने का अधिकार वहां के नागरिको के पास है। इससे नेता-पुलिस-जज गठजोड़ टूट जाता है तथा ये अधिकारी जनता के हितो के लिए कार्य करते है। जापान तथा चीन में भी नागरिको के पास आंशिक रूप से राईट टू रिकाल प्रक्रियाएं है। हमने भारत में भी जज, पुलिस प्रमुख, शिक्षा अधिकारी आदि पदों के लिए राईट टू रिकाल प्रक्रियाएं प्रस्तावित की है। जिनके ड्राफ्ट नीचे दिए गए है।
.
शासन की मशीन को क़ानून चलाते है। अच्छे क़ानून अच्छा देश बनाते है, और बुरे क़ानून बुरा। भारत की सामरिक-आर्थिक-शैक्षिक व्यवस्था को सुधारने तथा भ्रष्टाचार-गरीबी-बेरोजगारी की समस्याओं को हल करने के लिए हमें जूरी सिस्टम तथा राईट टू रिकाल जैसे अच्छे कानूनों को भारत में लागू करवाने की जरुरत है।
.
नागरिको के लिए : यदि आप इन कानूनों का समर्थन करते है तो, अपने सांसद को SMS भेज कर जूरी सिस्टम तथा राईट टू रिकाल कानूनों को गेजेट में प्रकाशित करने की मांग करे तथा अन्य नागरिको से भी ऐसी मांग करने को कहे। जूरी सिस्टम क़ानून की प्रक्रिया के ड्राफ्ट का लिंक नीचे दर्ज किया गया है। जब करोड़ो नागरिक ऐसी मांग करेंगे तो प्रधानमन्त्री जनसमर्थन का सम्मान करते हुए इन कानूनों को गेजेट में प्रकाशित कर देंगे।
.
अधिक जानकारी के लिए राईट टू रिकाल ग्रुप के किसी भी कार्यकर्ता से संपर्क करे।
.
जूरी सिस्टम का क़ानून ड्राफ्ट यहाँ देखें : tinyurl.com/JuryNichliCourt
राईट टू रिकाल जज के लिए : tinyurl.com/RtrJilaJaj
प्रस्तावित अन्य 120 क़ानून ड्राफ्ट्स के लिए : righttorecall.info/301.h.pdf
फेसबुक समुदाय : https://www.facebook.com/groups/righttorecallparty/
.
*राष्ट्रहित में सूचनार्थ यह विज्ञापन सामान्य नागरिको के अंशदान द्वारा दिया गया है।
_________________
.
इस ड्राफ्ट में सम्पादन के लिए आप अपना सुझाव रख सकते है। यदि आप कुछ शब्द या वाक्य जोड़े जाने का सुझाव देते है तो उसी अनुपात में हटाये जाने वाले शब्दों/वाक्यों को भी इंगित करें।
.
यदि आप सिर्फ किन्ही शब्दों/वाक्यों को हटाए जाने का सुझाव देते है तो जोड़े जाने वाले शब्दों/वाक्यों को चिन्हित करना आवश्यक नही है।

Tuesday, July 21, 2015

बीजेपी के माननीय सांसद परेश रावल तथा सिने सितारे अक्षय कुमार, आमिर खान, अजय देवगन, राजू हिरानी आदि के लिए (14-Jul-2015) No.1

July 14, 2015

https://www.facebook.com/mehtarahulc/posts/10152910969561922

बीजेपी के माननीय सांसद परेश रावल तथा सिने सितारे अक्षय कुमार, आमिर खान, अजय देवगन, राजू हिरानी आदि के लिए :
.
कृपया हाल ही में रिलीज़ फीचर फिल्म बाहुबली को थियेटर में देखने की जहमत उठाएं। यदि इसके लिए आप अपेक्षा करे तो मैं आपके लिए टिकेट खरीदने में हर्ष का अनुभव करूँगा।
.
इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि बिना किसी धर्म पर कीचड़ उछाले, संतो का मजाक उड़ाए, आस्था को ठेस पहुंचाए मनोरंजक फिल्म बनाकर स्वच्छ तरीके से पैसा कमाना मुमकिन है।
.
तुम प्रबुद्ध लोगो ने सऊदी अरब और मिशनरीज द्वारा पर्याप्त धन प्राप्त किया तथा PK, OMG, सिंघम-2 और धर्मसंकट जैसी फिल्मो का निर्माण किया ताकि हिन्दू धर्म तथा उनके संतो, आस्थाओं, मान्यताओं आदि का सार्वजनिक रूप से मजाक उड़ाकर पैसा कमाया जा सके। और तुम पैसा कमाने में सफल भी हुए। लेकिन अब बाहुबली फिल्म ने यह साबित कर दिया है कि, बिना किसी की आस्था को ठेस पहुंचाए भी धर्म के स्वच्छ स्वरुप को दिखाकर बॉक्स ऑफिस पर सिक्को की बरसात की जा सकती है।
.
और विशेष तौर पर बीजेपी सांसद परेश रावल से मैं कहना चाहूँगा कि, 'श्रीमान परेश रावल, यदि आपको 'मेसेज' देने की इतनी ही पीड़ादायक खुजली हो रही है तो पहले आप यह मेसेज अपने बीजेपी सांसदों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रीयों को दें, ताकि देश और उन राज्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार, अशिक्षा, भुखमरी, बेरोजगारी आदि समस्याओं का समाधान हो सके'।
इसके उपरान्त भी यदि बाकी रहे तो आप हिन्दू श्रद्धालुओं को 'मेसेज' देकर अपनी खुजली मिटाने का उपक्रम कर सकते है।

केजरीवाल को हीरो बनाने के लिए पेड मिडिया ने बहुत खर्चा किया था, अब केजरीवाल उन्हें 500 करोड़ रूपये सालाना की दर से 5 वर्ष में 2500 करोड़ की रेवड़ियाँ बांटेंगे। (15-Jul-2015) No.1

July 15, 2015

https://www.facebook.com/mehtarahulc/posts/10152912449711922

केजरीवाल को हीरो बनाने के लिए पेड मिडिया ने बहुत खर्चा किया था, अब केजरीवाल उन्हें 500 करोड़ रूपये सालाना की दर से 5 वर्ष में 2500 करोड़ की रेवड़ियाँ बांटेंगे। यह राशि तब और भी कई गुना बढ़ जायेगी, यदि पेड मिडिया केजरीवाल के खाते में पंजाब का मुख्यमंत्री पद भी डाल देने में सहयोग करता है !!!
.
बीजेपी/कोंग्रेस और सोनिया/मोदी खुले हुए भ्रष्टाचार-स्नेही है, और भारत में भ्रष्टाचार विरोधी वोट बेंक अच्छा ख़ासा है। तो मुनाफे कमाने की रणनीति यह थी की, केजरीवाल को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले अवतार के रूप में स्थापित करने के लिए 1000 करोड़ रू खर्च करो, ताकि उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर बिठाया जा सके, बदले में केजरीवाल 3 से 4 गुना रिटर्न देंगे।
.
केजरीवाल साहेब की हिम्मत इतनी खुली हुयी है कि उन्होंने यह बा एलानिया सरकारी घोषणा की है कि वे दिल्ली सरकार के 500 करोड़ रूपये पेड टीवी चेनल्स पर 'महात्मा अरविन्द गांधी' की भ्रष्टाचार-विरोधी छवी को निखारने में फूंक देंगे, ताकि पेड मिडिया को मुनाफा हो, और वे 'महात्मा अरविन्द गांधी' को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले सुपरहीरो की तरह लोगो के दिलो-दिमाग में घुसा सके।
.
दिल्ली में लगभग 2 करोड़ या उससे कम मतदाता है, अत: पेड मिडिया के लिए यह ललचाने वाली स्कीम है कि यदि महात्मा अरविन्द गांधी 80 करोड़ मतदाताओं को प्रभावित करके देश के प्रधानमन्त्री की कुर्सी पर काबिज़ हो जाते है तो पेड मिडिया को होने वाला संभावित मुनाफा 40 गुना यानी 20,000 करोड़ तक बढ़ जाएगा।
.
मुझे जानकारी नही है कि सोनिया और मोदी साहेब सरकारी बजट में से पेड मिडिया को कितनी राशि का भुगतान कर रहे है, लेकिन यह तय है कि वे भी अच्छी खासी राशि इस मद पर खर्च करते है।
.
लेकिन यदि आप सोचते है कि, देश को सिर्फ मौद्रिक नुकसान हो रहा है, तो आप गलत है।
.
घाटा सिर्फ 500 करोड़ या मोदी साहेब द्वारा जो भी भुगतान किया जा रहा है, उस राशि तक सीमित नहीं है बल्कि उससे अधिक गहरा है। 
.
इससे हमें बड़ा नुकसान यह हो रहा है कि पेड मिडिया नागरिको को कल्किवाद और सुपरहीरो नुमा छद्म समाधानों में उलझा के रखता है, जिससे कार्यकर्ता वास्तविक कानूनी समाधानों तक पहुँचने से वंचित हो जाते है, और यह जानकारी प्राप्त नही कर पाते कि समाधान के लिए हमें कुशल प्रशासनिक व्यवस्था की जरुरत है न कि किसी हीरोनुमा अवतार की। फलस्वरूप जहाँ हम लचर प्रशासनिक व्यवस्था के कारण सेना को मजबूत नही कर पा रहे है, जबकि दुश्मन देश लगातार अपनी अपनी सेना मजबूत कर रहा है। और निकट भविष्य में हमें इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

Monday, July 20, 2015

क्यों हेमामालिनी के ड्राइवर का नागरिको की जूरी द्वारा नार्को टेस्ट लिया जाना चाहिए ? (17-Jul-2015) No.2

July 17, 2015

https://www.facebook.com/mehtarahulc/posts/10152916101836922



क्यों हेमामालिनी के ड्राइवर का नागरिको की जूरी द्वारा नार्को टेस्ट लिया जाना चाहिए ?
.
यदि ड्राइवर कार को निर्धारित गति सीमा से अधिक तेजी से चला रहा था तो क्यों हेमा का भी सार्वजनिक रूप से नार्को टेस्ट लिया जाना चाहिए ?
.
=========
.
इस गंभीर और वास्तविक प्रश्न को टालने के लिए कि, क्या हेमा की कार बेहद तेज गति से जा रही थी, पेड मिडिया द्वारा जानबूझकर हेमा पर यह बकवास आरोप लगाया जा रहा कि, हेमा ने बच्ची की कुशलक्षेम नही पूछी। क्योंकि यह आरोप सिर्फ असंवेदनशीलता दर्शाता है, और हेमा पर इस असंवेदनशील व्यवहार के लिए कोई कानूनी कार्यवाही नही की जा सकती।
.
इस दुर्घटना से जुड़े हुए अहम तीन सवाल :
.
1. क्या हादसे के दौरान हेमा की कार निर्धारित गति सीमा से अधिक गति पर दौड़ रही थी ?
.
2. यदि कार निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से दौड़ रही थी, तो क्या हेमा ने ड्राइवर को गति कम करने को कहा ? या हेमा ने ही ड्राइवर को तेजी से कार चलाने को कहा था ?
.
3. मोदी साहेब ने दूरदर्शन को हेमा की कार की गति के बारे में कोई भी खबर न दिखाने के आदेश क्यों दिए ?
.
यदि ड्राइवर कार को तेज गति से चला रहा था, तो हेमा के ड्राइवर को 5 से 10 साल के लिए जेल में डाल देना चाहिए, किन्तु यदि हेमा ने ही ड्राइवर से कार को तेज चलाने को कहा था तो हेमा को भी यही सजा मिलनी चाहिए। हेमा को हम इसलिए नहीं छोड़ सकते कि वह सफल तारिका है, रसूखदार है, धनिक है और सत्ताधारी पार्टी की सदस्य है।
.
यदि कार निर्धारित गति सीमा के अंदर ही चल रही थी, तो यह एक दुर्घटना है, जो कि किसी के भी साथ हो सकती है। अत: कोई दोषी नही। ऐसी स्थिति में मामला ख़त्म हो जाता है। कुछ समाचार पत्र बता रहे है कि बच्ची आगे वाली सीट पर माँ की गोद में थी। सामने वाली सीट पर छोटी बच्ची को गोद में लेकर बैठना बहुत ही जोखिम पूर्ण है, अत: इस लापरवाही ने बच्ची के चोटिल होने की संभावना को बढ़ा दिया था। परन्तु यदि हेमा की कार ओवरस्पीड पर थी तो यह तथ्य महत्व नहीं रखता कि आल्टो में बच्ची कहाँ बैठी थी, जब हेमा की मर्सिडीज़ ने उसे तेज गति से टक्कर मारी।
.
एक होशियार फोरेंसिक एक्सपर्ट इस बारे में खुलासा कर सकता है कि दुर्घटना के समय मर्सिडीज़ की स्पीड क्या थी। लेकिन यह कहने की बात नहीं है कि फोरंसिक जांचकर्ता हेमा से पैसा खाकर या मोदी साहेब के दबाव में आकर यह रिपोर्ट देंगे कि कार निर्धारित गति सीमा के अंदर ही दौड़ रही थी।
.
दुर्घटना तो हो चुकी लेकिन मोदी साहेब अब दोषियों को बचाने में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे है, जो की हर लिहाज़ से शर्मनाक और कपट कर्म है। क्योंकि उन्होंने ही दिल्ली दूरदर्शन को कार की गति के बारे में कोई भी खबर न दिखाने के लिए धमकाया है। निजी खबरिया चैनल तो मुनाफे का कारोबार करते है अत: उन्हें जो पैसा देगा उसी की सुविधा से वे खबरे दिखाते है, लेकिन जनता के टैक्स से चलने वाले दूरदर्शन का भी उसी ढर्रे पर चलना दुर्भाग्यपूर्ण है। ( यदि किसी मोदी-भगत को इस आरोप पर एतराज हो तो वो दूरदर्शन के उस वीडियो का न्यूज़ लिंक हमें भेज सकता है, जिसमे दूरदर्शन ने हेमा की कार की ओवरस्पीडिंग से सम्बंधित खबर दिखाई हो )
.
समाधान
.
1. राजस्थान की मतदाता सुचियो में से अक्रमत विधि से 25 - 55 वर्ष की आयुवर्ग के 1500 नागरिको का चयन करके ज्यूरी का गठन किया जाए।
.
2. ज्यूरी सदस्य बहुमत से तय करे कि कार की गति का पता लगाने के लिए ड्राइवर का सार्वजनिक रूप से नार्को टेस्ट लिया जाना चाहिए या नहीं। यदि ज्यूरी सदस्य होने के नाते मेरे सम्मुख यह प्रस्ताव लाया जाता है तो मैं नार्को टेस्ट के पक्ष में वोट करूँगा।
.
3. यदि ड्राइवर के नार्को टेस्ट में यह संकेत मिलते हैं कि कार निर्धारित गति से अधिक तेजी से चलायी जा रही थी तो ज्यूरी सदस्यों को फैसला कर सकते है कि हेमा का नार्को टेस्ट लिया जाना चाहिए या नहीं। ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या हेमा ने ड्राइवर को कार तेज चलाने के लिए कहा था। यदि मुझे इस प्रस्ताव पर वोट करने का अवसर मिलता है तो मैं हेमा के सार्वजनिक रूप से नार्को टेस्ट लिए जाने के पक्ष में वोट करूंगा।
.
4. यदि यह साबित हो जाता है कि कार ओवरस्पीड पर थी, तो दोषी को सजा दी जा सकती है। दोष सिद्धि होने पर मैं दोषी को 10 वर्ष के कारावास की अनुशंषा करूँगा। यदि हेमा दोषी पायी जाती है तब उसे भी यही सजा भुगतनी होगी।
.
क्योंकि भारत मैं जूरी सिस्टम नहीं है अत: इस मुकदमे का फैसला जज करेंगे। चूंकि भारत में भ्रष्ट जजो को नौकरी से निकालने का अधिकार नागरिको के पास नहीं है अत: अन्य विभागों की तरह हमारी अदालते भी भ्रष्टचार और भाई भतीजा वाद से ग्रस्त है। इसके अलावा न भारत में राइट टू रिकाल पुलिस प्रमुख है न ही राइट टू रिकाल लोक अभियोजक, अत: यह तय है कि यह सभी भले मानुष मिलकर यह घोषणा कर देंगे कि हेमा की कार निर्धारित गति सीमा में ही चल रही थी।
.
समाधान के लिए ऊपर दिए अनुसार इस मुकदमे की ज्यूरी द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए वरना सलमान और हेमा जैसो का हौसला बढ़ता रहेगा। कार्यकर्ताओ को चाहिए कि वे सांसदों को SMS द्वारा आदेश भेज कर जूरी सिस्टम, राईट टू रिकाल पुलिस प्रमुख, राईट टू रिकाल लोक अभियोजक, राईट टू रिकाल दूरदर्शन अध्यक्ष एवं राईट टू रिकाल जज के क़ानून ड्राफ्ट्स को गैजेट में प्रकाशित करने के लिए दबाव बनाये।
.
कृपया अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश भेजे :
.
ज्यूरी सिस्टम के लिए
tinyurl. com/NichliCourt
.
राईट टू रिकाल जज के लिए :
tinyurl. com/RtrJilaJaj
.
राईट टू रिकाल दूरदर्शन अध्यक्ष के लिए :
tinyurl. com/RtrDdAdhyaksh
.
राईट टू रिकाल पुलिस प्रमुख के लिए :
tinyurl. com/RtrPolice
.
( see link in comment box )
.
यह SMS अपने सांसदों को भेजने से यह संभावना बढ़ जायेगी कि हेमा और उसके ड्राइवर का नार्को टेस्ट सार्वजनिक रूप से किया सके, तथा भारत में ज्यूरी सिस्टम और राईट टू रिकाल जैसे क़ानून लागू हो।
.
और हाँ, अपना समय सोनिया -मोदी-केजरीवाल के अंधभगतो के साथ लग कर बर्बाद न करे, क्योंकि ये सभी राईट टू रिकाल/जूरी सिस्टम के ध्रुव विरोधी रहे है और क़यामत तक प्रजा के हाथ में शक्ति और अधिकार देने वाले इन कानूनो का विरोध करेंगे।