December 4, 2011
https://www.facebook.com/mehtarahulc/posts/10150396722161922
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खुदरा व्यापर में एफ.डी.आई. या विदेशी कंपनियों के निवेश पर ये सब हंगामा दिखाता है कि क्यों वालमार्ट को जनलोकपाल चाहिए | एफ.डी.आई के हंगामे के कारण ,अब वालमार्ट को ममता बैनर्जी , दिनेश त्रिवेदी, डी.एम.के. के सांसद,ए.आई.ए.डी.एम.के. एक सांसद, भा.जा.पा के सांसद और कई अन्य सांसदों को रिश्वत देनी होगी | इसकी लागत कई हज़ारों करों रुपयों में आएगी और प्रणव, सोनिया ,मनमोहन सिंह, शरद पवार आदि को करोड़ों की रिश्वत दी , वो अलग |
यदि जनलोकपाल होता तो , वालमार्ट को केवल 11 जनलोकपाल को ही रिश्वत देने की जरूरत होती और फिर वे जनलोकपाल को उन सांसदों पर भ्रष्टाचार के मामले दर्ज करने के लिए कहते जो वालमार्ट करते | और फिर कोई भी सांसद या मंत्री की हिम्मत नहीं होती विदेशी निवेश के खिलाफ बोलने की ,चाहे वो ममता हो या दिनेश या कोई और | और वालमार्ट बिना अधिक जनता के गुस्से के आ जाता |
अच्छा या बुरा .... जनलोकपाल वालमार्ट और अन्य बहु-राष्ट्रीय कंपनियों को बहुत फायदा करेगा |
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